Saturday, April 23, 2016

व्हाट्स ऍप स्टेटस --पार्ट 37






तलाश कर मेरी कमीं को अपने अंदर ,दर्द हो तो समझ लेना रिश्ता अभी बाकी है ……😔




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हासिल करके तो हर कोई प्यार कर सकता है 
मगर खोकर भी किसी को चाहना ही असली प्यार होता है  



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अनदेखे धागों में, यूं बाँध गया कोई, की वो साथ भी नहीं, और हम आज़ाद भी नहीं !!!



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‎कुछ‬ नहीं ‪‎रहा‬ अब मेरे ‪#‎लफ्ज़ों‬ में 😪 अब ‪#‎कोशिश‬ कर तू 👉 मेरी ‪#‎खामोशियों‬ को पढ़ने की



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 मैं हर लम्हें का इंतजार करूँगी , "जिन्दगी" वादा हैं मेरा
तेरे हर सितम से, मै बेइंतहा प्यार करूँगी |


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हथेली से सब रेत की तरह फिसल रहा है 
जो कभी जान गिरवी रख कर ख़रीदा था 



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हमें ना सिखाओ ‪#‎पेश‬ आने के तरीके,😏 क्योंकि हम ❤ ‪#‎Queen‬ 👰👈💞 है, ♣ अपने ‪#‎Rules‬♠ही खुद बनाते है 



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आंसू निकल पड़े ख्वाब में उसको दूर जाते देख कर 
आँख खुली तो अहसास हुआ की इश्क़ सोते हुए भी रुलाता है 





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 हर ‪#‎किसी‬ की ‪#‎जिंदगी‬ का एक ही ‪#‎मकसद‬ है खुद भले हों ‪#‎बेवफ़ा‬, लेकिन ‪#‎तलाश‬ वफ़ा की है।




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पता है हम  😎अपनी DP साल mein  एक बार〒 kyun chng करते है❓ं
Kyuki हम 😎नही चाहते की saari छोरियाँ 👩🏻को साल भर heart attack 💔 आये




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मैनें गले के सरे तावीज डाल कर देखे हैं 
जो तेरी याद को रोक सके वो धागा मिला ही नहीं 




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तेरा चला जाना भी जरूरी था.. वरना पता ही नहीं चलता कि दुनिया में और भी मस्त माल है..




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 दिखाने के लिए तो हम भी बना सकते हैं ताजमहल.... मगर मुमताज को मरने दे हम वो शाहजहाँ नही




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अच्छा बनाया आशियाना तुमनें प्यार का 
बुनियाद ले गए मेरे घर की उखाड़ कर 




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आज आई है मेरी याद उसे ! ज़रूर किसी ने ठुकराया होगा !!



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वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है, हमनें भी हँसकर बोला अपनी बर्बादी को कौन भूल सकता है 




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कभी हो मुखातिब  तो कहूं क्या मर्ज़ है मेरा 
अब तुम दूर से पूछोगे तो खैरियत ही कहेंगे 





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 खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .



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 अगर कोई Girl हमें propose करती हैं तो उसे हम ‪#‎reject‬ करते हैं...लेकिन उसकी choice को हम salute करते हैं .....



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आज शायरी नहीं बस इतना सुन लो 
मैं तनहा हूँ और वजह तुम हो 


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Friday, April 15, 2016

व्हाट्स ऍप स्टेटस --पार्ट 36




 तेरा ..आधे मन से बात करना ..
मुझे पूरा तोड़ देता है



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मेरी सोच की सरहद के इस पार भी तू, उस पार भी तू....
ये तेरी सल्तनत है इसे बसा के रख या उजाड़ दे!!!




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आज अल्फ़ाज़ नहीं
मिल रहे साहिब...
"मोहब्बत" लिख दिया है..... महसूस कीजिए...



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यादें बनकर ही सही रहते तो हो साथ मेरे,
आपके इतने एहसान का भी हजार बार शुक्रिया !!




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अब और क्या सबूत दे उनकी चाहत का……
उन्होने एक बिँदी भी लगाई तो वो भी हमारी आँखो में देखकर……



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 यूँ ही अपने होंठों को झूठी हंसी से 'संभाल लेती हूँ।।
अंदर से कितना टूटी हूँ बस खुद पे 'पर्दा डाल लेती हूँ



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ऐसा क्या लिखूँ कि तेरे दिल को तसल्ली हो जाये, क्या ये काफी नहीं कि मेरी बंदगी हो तुम!


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तेरी तलाश में निकलूँ भी तो क्या फायदा . . तुम बदल गए हो . . खो गए होते तो और बात थी|




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करज़दार रहेंगे हम उस हकीम के......
जिसने दवा के बदले... तेरा दीदार लिख दिया....


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क्युं कहूँ उससे कि बात कर मुझसे
क्या उसको नहीं पता कि उसके बिना मेरा दिल नहीं लगता



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सुन पगली करा ली है डायबिटीज की जाँच
सारी डायबिटीज तेरी किस्सी  से हुई है ..


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भूलना.. भुलाना... दिमाग का काम है साहेब....
आप.. दिल में रहते हो... बेफ़िक्र हो जाओ..


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वो जबाव तलब है कि "मुझे भूल तो ना जाओगे"..!!
जबाब मैं क्या दूँ जब सवाल ही नहीं उठता.



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“यादों की कसक, साँसों की थकन, आँखों में नमी है,
ज़िन्दगी तुझमे सब कुछ है बस “उसकी” कमी है...!”..



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अब क्यूँ रहना चाहेगा कोई किसी के दिल में उम्र भर...!!
सुना है किराये पर दिल मिलने लगें हैं इस शहर में…!!!!



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तलब है तुम्हारी कि मिटती नही है,
ये जिदगीं तुम बिन कटती नही है,
लाख चाहा कि लिख दूँ मैं  दर्द अपना,
कलम है कि तेरा फरेब लिखती नहीं है।




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सजदा कहूँ या कहूँ इसे मोहब्बत
तेरे नाम में आये अक्षर भी
हम मुस्कुरा कर लिखा करते हैं



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कुदरत ने लिखा था तुझको मेरी तमन्नाओं में
तेरी किस्मत में मैं ना था ये और बात है..



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तेरे हर नक़्श-ए-पा को रहगुज़र में सज़दा कर बैठे..
जहाँ तूने क़दम रखा ,वहाँ हमने भी सर रखा ..



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मेरी तड़प तो कुछ भी नहीं है
सुना है उसके दीदार को तो आईने भी तरसते है ।




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तुमने देखी नहीं हमारी, फूलों सी वफा...!
हम जिस पे खिलते हैं, उसी पे मुरझा जाते है...!!



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Wednesday, April 13, 2016

व्हाट्स ऍप स्टेटस --पार्ट 35






कुछ किस्से दिल में...कुछ कागजों पर आबाद रहे...
बताओ कैसे भूलें उसे...जो हर साँस में याद रहे........



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फ़कीराना तबियत है हमारी .. मिले तो बाँट लेते हैं..!
हमसे दुआओं की..जमाखोरी नहीं होती..!!



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तुम मुझमें पहले भी थे , तुम मुझमें अब भी हो , फर्क बस इतना है...
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थे, अब मेरी खामोशियों में हो..!!!!



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वफ़ा करना सीख भी लो इश्क की नगरी में 
सिर्फ दिल लगाने से दिलों में घर नहीं बनते  



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बारिश में रख दो इस जिंदगी के पन्नों को, ताकि धुल जाए स्याही 
ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन करता है कभी- कभी. 



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इन आँखों में तेरे इंतज़ार के सिवा कुछ बाकी नहीं...!
जान बाकी है मगर जीने की तमन्ना बाकी नहीं...!!



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 ना लफ़्ज़ों में लहू निकलता है ना किताबें बोल पाती है,
मेरे दर्द के दो ही गवाह थे और दोनों ही बेजुबां निकले ---!!



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इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ 
जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से




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‪#‎तुम्हारा‬ सिर्फ़ हवाओं पे ‪#‎शक़‬ गया होगा,
‪#‎चिराग़‬ ख़ुद भी तो जल-जल के ‪#‎थक‬ गया होगा.




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जहाँ रोज छोड़ने की बाते हो दोस्तों 
समझ जाना वहाँ प्यार नही खेल हो रहा है



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‪#‎अजब‬ 👩तेरे नखरे ‪#‎गजब‬ तेरा
👺‪#‎स्टाईल‬ 
👃‪#‎नाक‬ पोछने की 
‪#‎taMiz‬. Nhi. Or
हाथ में ‪#‎मोबाइल‬🙊


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‪#‎अजब‬ पहेलियां हैं हाथों की लकीरों में..‪#‎सफर‬ ही सफर लिखा है # हमसफर कोई नहीं..



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‪#‎अजब‬ _मुकाम_पर आ ठहरा है
‪#‎काफिला_जिदंगी_ka‬,
‪#‎सुकून‬ ढूंढने निकले थे
‪#‎नीदं_भी_गंवा_बैठे‬ 



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"कुछ ‪#‎अजीब‬ सा रिश्ता है 
उसके और मेरे दरमियां
"जब भी मिलता है 
‪#‎पलके‬ झुक जाती है...!!!.



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‎रात‬ की ‪#‎खामोशियों‬ में भी ‪#‎अजब‬ सा ‪#‎शोर‬ होता है ‪#‎सुन‬ बस वही ‪#‎पाता‬ है जो ‪#‎दर्द‬ के ‪ज्यादा‬ ‪#‎करीब‬ होता है




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‪#‎अज़ब‬ माहौल है मेरे ' ‪#‎मुल्क‬ ' का, #‎मज़हब‬ ‪#‎थोपा‬ ‪#‎जाता‬ है, ' ‪#‎इश्क‬ 'रोका जाता है ......!!!




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किसके हैं हम...? बस तुम्हारे ही तो हैं" ,
उसके ये अलफ़ाज़ झूठे; मगर गज़ब के थे 



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चाय के उस प्याले के भी क्या ठाठ हैं
सवेरे होते ही तेरे होंठों को चूम लेता है…




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अगर ये सच है
की हर लङकी पैसो पर नही मरती
तो ये भी सच है की
हर लङका जिस्म पर नही मरता।


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मेरे ज़िस्म से उसकी खुशबू आज भी आती है 
 बड़ी फुर्सत से कभी गले लगाया था मैंने उसे 



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व्हाट्स ऍप स्टेटस --पार्ट 34






मुझे आजमाने वाले शख्स तेरा शुक्रिया
मेरी काबिलियत निखरी है तेरी हर आजमाइश के बाद..


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बातों की तह तक जाते हो!
ढूँढ के आख़िर क्या लाते हो?



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हिला के रख देता है इंसान की बुनियाद..
कमबख़्त इश्क भी किसी जलजले से कम नहीं..



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ना मेरा प्यार कम हुआ, ना उनकी नफरत..
अपना अपना फर्ज था, दोनों अदा कर गये..



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नफरत और प्यार की जंग में हार गया दिल 
अब टूटे हुए दिल को कहाँ ले जाएं हम



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चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूं ऐ# मुक़द्दर
कुछ चोटें तुझे भी आई होगी,
मेरे सपनों को ठोकर मारकर !!!!!




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सुन पगली : तुम्हें छेड़नें का मन करता हैं , छोड़ने का नहीं…


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 कुछ नहीं मिला इश्क़ के समंदर में
सिर्फ डूबना ही लिखा है भंवर में



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हमने भी मुआवजे #की अर्जी  डाली #है साहब
उनकी यादों #की बारिश ने  काफी नुकसान पहुँचाया #है



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काश वह पल  ही नहीं हो की जिस पल में नजर तू न आये। और ऐसा पल आये तो उस पल मैं हम मरजाये




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लौट आओ वो हिस्सा लेकर, जो साथ ले गये थे तुम..
इस रिश्ते का अधूरापन अब अच्छा नहीं लगता....!!




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रात पास बैठी थी खामोश , मेरे साथ हमेशा की तरह
कोई और भी था हमारे बीच , एक हज़ार मीलों का ख्वाब




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तन्हाई का ये आलम और इंतज़ार की ये रात
दोनों कब ख़त्म होंगे पता नहीं



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नहीं जानते क्या हैं ‪#‎रिश्ता‬ तुमसे मेरा......
 ‪#‎मन्नतों‬ के हर धागे में एक ‪#‎गाँठ‬ तेरे नाम की ‪#‎बाँधते‬ हैं अब हम.!!


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मन्नत के तावीज की तरह पहन लेते हैं तुझे हम
सुना है खुदा  के दर पर मन्नतें पूरी होती है



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मेरे घर के आईने टूटे.. मुझसे ना उम्मीद होकर..
मैं आईनों से ज्यादा टूटा.. उसके करीब होकर.




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ज़िंदगी क्या है जान जाओगे..रेत पर ला के मछलियाँ रख दो...ll.




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हलकी सी हो चुकी ये नाज़ुक पलकें मेरी
मुद्दतों बाद इन नज़रों से गिरा है  कोई ..




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तुम रूठ जाओगी तो मैं मना लूंगा,
.पर इसका मतलब ये नहीं की
.तुम रोज ‪#‎बन्दरिया‬ जैसा मुह बनाकर बैठ जाओ..




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‪#‎कुछ_तो_बात_है_तेरी_फितरत_मे‬
ऎ दोस्त
‪#‎वरना_तुझको_याद_करने_की_खता_हम_बार‬-बार_न_करते....



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खुशियों की नीलामी कर के आया हूँ...
मजबूरी की बोली सबसे ऊँची थी...



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Monday, April 11, 2016

व्हाट्स ऍप स्टेटस --पार्ट 33




तू क्या औकात में हमारी बराबरी करेगी,
अरे पगली हम तो class में हाजरी में भी Har Har Mahadev बोलते हैं ..




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 जिसके पीछे हम थे वो किसी और के पीछे थी,😟
मगर जिसके पीछे सारा स्कूल था वो हमारे पीछे थी.😛


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दिल की कीमत तो मुहब्बत के सिवा कुछ ना थी…
जितने भी मिले सूरत के खरीद-दार मिले…



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 ज़र्रा ज़र्रा जल जाने को हाज़िर हूँ,,,,, बस शर्त है कि वो आँच तुम्हारी हो.....




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फुर्सत मिले तो कभी बैठ कर सोचना, तुम भी मेरे अपने हो या सिर्फ हम ही तुम्हारे हैं..


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बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी !




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"‪#‎DiL‬ ,से खुशी हुई...उस समय जब उसने कहा की... ‪#‎Options‬,तो बहुत है. पर ‪#‎Decision‬,सिर्फ तुम हो...!!!




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अगर फुर्सत के लम्हों में तुम मुझे याद करते हो तो अब मत करना.. क्योकि मैं तन्हा जरूर हूँ , मगर फिजूल बिल्कुल नहीं.



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 आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो..सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..�



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आरजू जुर्म, वफा जुर्म, तमन्ना हैं गुनाह,
ये वो दुनियाँ हैं, जहाँ प्यार नहीं हो सकता.!!
कैसे समझाऊं तुम्हें दस्तूर ऐ बाजार का
बिक गया जो, वो ख़रीदार नहीं हो सकता.!!



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वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं 
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें नहीं 
वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं 
और वो तुम ही क्या , जिसके साथ हम नहीं 



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 किसको पाने की तलब है यहां.... हम तो बस तुझे खो देने से डरते है !!



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कभी किसी के जज्बातों का मजाक ना बनाना. ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा होगा....


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मैं उसकी हो नही सकती बता न देना उसे !! लकीरे हाथ की अपनी वो सब जला लेगा !!


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बिन बात के ही रूठने की आदत है; किसी अपने का साथ पाने की चाहत है;
आप खुश रहें, मेरा क्या है; मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है


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मत पूछ के कितनी 💑मोहब्बत है तुझसे ; ऐ बेखबर'; ..... ☔बारिश की 💦बूँदे भी तुझे छू लें, तो ❤दिल 🔥जलने लगता है ...



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दुआएं बे-असर  नहीं होतीं ...
.बस बेहतरीन वक्त पर कुबूल होती हैं।


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कसूर मेरा था तो कसूर उनका भी था... 🌹🌹
नज़र हमने जो उठाई थी तो वो झुका भी सकते थे...




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"मैने उसके नरम होँठो को चूमने की इजाज़त माँगी,
वो अपने होंठ करीब लाकर बोली पगले प्यार में इजाज़त की जरुरत नहीं होती!"


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बहुत अन्दर तक तबाही मचाता है …
वो आंसू जो आँखों से ‘बह’ नहीं पाता……


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फ़िराक़ -ए -यार ने बेचैन मुझ को रात भर रखा 
कभी तकिया इधर रखा कभी तकिया उधर  रखा 



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