तलाश कर मेरी कमीं को अपने अंदर ,दर्द हो तो समझ लेना रिश्ता अभी बाकी है ……😔
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हासिल करके तो हर कोई प्यार कर सकता है
मगर खोकर भी किसी को चाहना ही असली प्यार होता है
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अनदेखे धागों में, यूं बाँध गया कोई, की वो साथ भी नहीं, और हम आज़ाद भी नहीं !!!
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कुछ नहीं रहा अब मेरे #लफ्ज़ों में 😪 अब #कोशिश कर तू 👉 मेरी #खामोशियों को पढ़ने की
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मैं हर लम्हें का इंतजार करूँगी , "जिन्दगी" वादा हैं मेरा
तेरे हर सितम से, मै बेइंतहा प्यार करूँगी |
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हथेली से सब रेत की तरह फिसल रहा है
जो कभी जान गिरवी रख कर ख़रीदा था
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हमें ना सिखाओ #पेश आने के तरीके,😏 क्योंकि हम ❤ #Queen 👰👈💞 है, ♣ अपने #Rules♠ही खुद बनाते है
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आंसू निकल पड़े ख्वाब में उसको दूर जाते देख कर
आँख खुली तो अहसास हुआ की इश्क़ सोते हुए भी रुलाता है
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हर #किसी की #जिंदगी का एक ही #मकसद है खुद भले हों #बेवफ़ा, लेकिन #तलाश वफ़ा की है।
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पता है हम 😎अपनी DP साल mein एक बार〒 kyun chng करते है❓ं
Kyuki हम 😎नही चाहते की saari छोरियाँ 👩🏻को साल भर heart attack 💔 आये
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मैनें गले के सरे तावीज डाल कर देखे हैं
जो तेरी याद को रोक सके वो धागा मिला ही नहीं
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तेरा चला जाना भी जरूरी था.. वरना पता ही नहीं चलता कि दुनिया में और भी मस्त माल है..
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दिखाने के लिए तो हम भी बना सकते हैं ताजमहल.... मगर मुमताज को मरने दे हम वो शाहजहाँ नही
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अच्छा बनाया आशियाना तुमनें प्यार का
बुनियाद ले गए मेरे घर की उखाड़ कर
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आज आई है मेरी याद उसे ! ज़रूर किसी ने ठुकराया होगा !!
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वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है, हमनें भी हँसकर बोला अपनी बर्बादी को कौन भूल सकता है
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कभी हो मुखातिब तो कहूं क्या मर्ज़ है मेरा
अब तुम दूर से पूछोगे तो खैरियत ही कहेंगे
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खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
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अगर कोई Girl हमें propose करती हैं तो उसे हम #reject करते हैं...लेकिन उसकी choice को हम salute करते हैं .....
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आज शायरी नहीं बस इतना सुन लो
मैं तनहा हूँ और वजह तुम हो
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तेरा ..आधे मन से बात करना ..
मुझे पूरा तोड़ देता है
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मेरी सोच की सरहद के इस पार भी तू, उस पार भी तू....
ये तेरी सल्तनत है इसे बसा के रख या उजाड़ दे!!!
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आज अल्फ़ाज़ नहीं
मिल रहे साहिब...
"मोहब्बत" लिख दिया है..... महसूस कीजिए...
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यादें बनकर ही सही रहते तो हो साथ मेरे,
आपके इतने एहसान का भी हजार बार शुक्रिया !!
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अब और क्या सबूत दे उनकी चाहत का……
उन्होने एक बिँदी भी लगाई तो वो भी हमारी आँखो में देखकर……
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यूँ ही अपने होंठों को झूठी हंसी से 'संभाल लेती हूँ।।
अंदर से कितना टूटी हूँ बस खुद पे 'पर्दा डाल लेती हूँ
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ऐसा क्या लिखूँ कि तेरे दिल को तसल्ली हो जाये, क्या ये काफी नहीं कि मेरी बंदगी हो तुम!
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तेरी तलाश में निकलूँ भी तो क्या फायदा . . तुम बदल गए हो . . खो गए होते तो और बात थी|
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करज़दार रहेंगे हम उस हकीम के......
जिसने दवा के बदले... तेरा दीदार लिख दिया....
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क्युं कहूँ उससे कि बात कर मुझसे
क्या उसको नहीं पता कि उसके बिना मेरा दिल नहीं लगता
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सुन पगली करा ली है डायबिटीज की जाँच
सारी डायबिटीज तेरी किस्सी से हुई है ..
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भूलना.. भुलाना... दिमाग का काम है साहेब....
आप.. दिल में रहते हो... बेफ़िक्र हो जाओ..
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वो जबाव तलब है कि "मुझे भूल तो ना जाओगे"..!!
जबाब मैं क्या दूँ जब सवाल ही नहीं उठता.
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“यादों की कसक, साँसों की थकन, आँखों में नमी है,
ज़िन्दगी तुझमे सब कुछ है बस “उसकी” कमी है...!”..
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अब क्यूँ रहना चाहेगा कोई किसी के दिल में उम्र भर...!!
सुना है किराये पर दिल मिलने लगें हैं इस शहर में…!!!!
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तलब है तुम्हारी कि मिटती नही है,
ये जिदगीं तुम बिन कटती नही है,
लाख चाहा कि लिख दूँ मैं दर्द अपना,
कलम है कि तेरा फरेब लिखती नहीं है।
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सजदा कहूँ या कहूँ इसे मोहब्बत
तेरे नाम में आये अक्षर भी
हम मुस्कुरा कर लिखा करते हैं
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कुदरत ने लिखा था तुझको मेरी तमन्नाओं में
तेरी किस्मत में मैं ना था ये और बात है..
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तेरे हर नक़्श-ए-पा को रहगुज़र में सज़दा कर बैठे..
जहाँ तूने क़दम रखा ,वहाँ हमने भी सर रखा ..
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मेरी तड़प तो कुछ भी नहीं है
सुना है उसके दीदार को तो आईने भी तरसते है ।
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तुमने देखी नहीं हमारी, फूलों सी वफा...!
हम जिस पे खिलते हैं, उसी पे मुरझा जाते है...!!
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कुछ किस्से दिल में...कुछ कागजों पर आबाद रहे...
बताओ कैसे भूलें उसे...जो हर साँस में याद रहे........
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फ़कीराना तबियत है हमारी .. मिले तो बाँट लेते हैं..!
हमसे दुआओं की..जमाखोरी नहीं होती..!!
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तुम मुझमें पहले भी थे , तुम मुझमें अब भी हो , फर्क बस इतना है...
पहले मेरे लफ़्ज़ों में थे, अब मेरी खामोशियों में हो..!!!!
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वफ़ा करना सीख भी लो इश्क की नगरी में
सिर्फ दिल लगाने से दिलों में घर नहीं बनते
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बारिश में रख दो इस जिंदगी के पन्नों को, ताकि धुल जाए स्याही
ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन करता है कभी- कभी.
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इन आँखों में तेरे इंतज़ार के सिवा कुछ बाकी नहीं...!
जान बाकी है मगर जीने की तमन्ना बाकी नहीं...!!
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ना लफ़्ज़ों में लहू निकलता है ना किताबें बोल पाती है,
मेरे दर्द के दो ही गवाह थे और दोनों ही बेजुबां निकले ---!!
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इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ
जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से
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#तुम्हारा सिर्फ़ हवाओं पे #शक़ गया होगा,
#चिराग़ ख़ुद भी तो जल-जल के #थक गया होगा.
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जहाँ रोज छोड़ने की बाते हो दोस्तों
समझ जाना वहाँ प्यार नही खेल हो रहा है
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#अजब 👩तेरे नखरे #गजब तेरा
👺#स्टाईल
👃#नाक पोछने की
#taMiz. Nhi. Or
हाथ में #मोबाइल🙊
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#अजब पहेलियां हैं हाथों की लकीरों में..#सफर ही सफर लिखा है # हमसफर कोई नहीं..
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#अजब _मुकाम_पर आ ठहरा है
#काफिला_जिदंगी_ka,
#सुकून ढूंढने निकले थे
#नीदं_भी_गंवा_बैठे
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"कुछ #अजीब सा रिश्ता है
उसके और मेरे दरमियां
"जब भी मिलता है
#पलके झुक जाती है...!!!.
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रात की #खामोशियों में भी #अजब सा #शोर होता है #सुन बस वही #पाता है जो #दर्द के ज्यादा #करीब होता है
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#अज़ब माहौल है मेरे ' #मुल्क ' का, #मज़हब #थोपा #जाता है, ' #इश्क 'रोका जाता है ......!!!
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किसके हैं हम...? बस तुम्हारे ही तो हैं" ,
उसके ये अलफ़ाज़ झूठे; मगर गज़ब के थे
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चाय के उस प्याले के भी क्या ठाठ हैं
सवेरे होते ही तेरे होंठों को चूम लेता है…
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अगर ये सच है
की हर लङकी पैसो पर नही मरती
तो ये भी सच है की
हर लङका जिस्म पर नही मरता।
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मेरे ज़िस्म से उसकी खुशबू आज भी आती है
बड़ी फुर्सत से कभी गले लगाया था मैंने उसे
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मुझे आजमाने वाले शख्स तेरा शुक्रिया
मेरी काबिलियत निखरी है तेरी हर आजमाइश के बाद..
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बातों की तह तक जाते हो!
ढूँढ के आख़िर क्या लाते हो?
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हिला के रख देता है इंसान की बुनियाद..
कमबख़्त इश्क भी किसी जलजले से कम नहीं..
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ना मेरा प्यार कम हुआ, ना उनकी नफरत..
अपना अपना फर्ज था, दोनों अदा कर गये..
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नफरत और प्यार की जंग में हार गया दिल
अब टूटे हुए दिल को कहाँ ले जाएं हम
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चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूं ऐ# मुक़द्दर
कुछ चोटें तुझे भी आई होगी,
मेरे सपनों को ठोकर मारकर !!!!!
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सुन पगली : तुम्हें छेड़नें का मन करता हैं , छोड़ने का नहीं…
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कुछ नहीं मिला इश्क़ के समंदर में
सिर्फ डूबना ही लिखा है भंवर में
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हमने भी मुआवजे #की अर्जी डाली #है साहब
उनकी यादों #की बारिश ने काफी नुकसान पहुँचाया #है
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काश वह पल ही नहीं हो की जिस पल में नजर तू न आये। और ऐसा पल आये तो उस पल मैं हम मरजाये
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लौट आओ वो हिस्सा लेकर, जो साथ ले गये थे तुम..
इस रिश्ते का अधूरापन अब अच्छा नहीं लगता....!!
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रात पास बैठी थी खामोश , मेरे साथ हमेशा की तरह
कोई और भी था हमारे बीच , एक हज़ार मीलों का ख्वाब
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तन्हाई का ये आलम और इंतज़ार की ये रात
दोनों कब ख़त्म होंगे पता नहीं
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नहीं जानते क्या हैं #रिश्ता तुमसे मेरा......
#मन्नतों के हर धागे में एक #गाँठ तेरे नाम की #बाँधते हैं अब हम.!!
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मन्नत के तावीज की तरह पहन लेते हैं तुझे हम
सुना है खुदा के दर पर मन्नतें पूरी होती है
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मेरे घर के आईने टूटे.. मुझसे ना उम्मीद होकर..
मैं आईनों से ज्यादा टूटा.. उसके करीब होकर.
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ज़िंदगी क्या है जान जाओगे..रेत पर ला के मछलियाँ रख दो...ll.
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हलकी सी हो चुकी ये नाज़ुक पलकें मेरी
मुद्दतों बाद इन नज़रों से गिरा है कोई ..
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तुम रूठ जाओगी तो मैं मना लूंगा,
.पर इसका मतलब ये नहीं की
.तुम रोज #बन्दरिया जैसा मुह बनाकर बैठ जाओ..
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#कुछ_तो_बात_है_तेरी_फितरत_मे
ऎ दोस्त
#वरना_तुझको_याद_करने_की_खता_हम_बार-बार_न_करते....
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खुशियों की नीलामी कर के आया हूँ...
मजबूरी की बोली सबसे ऊँची थी...
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तू क्या औकात में हमारी बराबरी करेगी,
अरे पगली हम तो class में हाजरी में भी Har Har Mahadev बोलते हैं ..
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जिसके पीछे हम थे वो किसी और के पीछे थी,😟
मगर जिसके पीछे सारा स्कूल था वो हमारे पीछे थी.😛
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दिल की कीमत तो मुहब्बत के सिवा कुछ ना थी…
जितने भी मिले सूरत के खरीद-दार मिले…
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ज़र्रा ज़र्रा जल जाने को हाज़िर हूँ,,,,, बस शर्त है कि वो आँच तुम्हारी हो.....
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फुर्सत मिले तो कभी बैठ कर सोचना, तुम भी मेरे अपने हो या सिर्फ हम ही तुम्हारे हैं..
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बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी !
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"#DiL ,से खुशी हुई...उस समय जब उसने कहा की... #Options,तो बहुत है. पर #Decision,सिर्फ तुम हो...!!!
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अगर फुर्सत के लम्हों में तुम मुझे याद करते हो तो अब मत करना.. क्योकि मैं तन्हा जरूर हूँ , मगर फिजूल बिल्कुल नहीं.
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आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो..सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..�
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आरजू जुर्म, वफा जुर्म, तमन्ना हैं गुनाह,
ये वो दुनियाँ हैं, जहाँ प्यार नहीं हो सकता.!!
कैसे समझाऊं तुम्हें दस्तूर ऐ बाजार का
बिक गया जो, वो ख़रीदार नहीं हो सकता.!!
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वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं
वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें नहीं
वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं
और वो तुम ही क्या , जिसके साथ हम नहीं
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किसको पाने की तलब है यहां.... हम तो बस तुझे खो देने से डरते है !!
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कभी किसी के जज्बातों का मजाक ना बनाना. ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा होगा....
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मैं उसकी हो नही सकती बता न देना उसे !! लकीरे हाथ की अपनी वो सब जला लेगा !!
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बिन बात के ही रूठने की आदत है; किसी अपने का साथ पाने की चाहत है;
आप खुश रहें, मेरा क्या है; मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है
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मत पूछ के कितनी 💑मोहब्बत है तुझसे ; ऐ बेखबर'; ..... ☔बारिश की 💦बूँदे भी तुझे छू लें, तो ❤दिल 🔥जलने लगता है ...
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दुआएं बे-असर नहीं होतीं ...
.बस बेहतरीन वक्त पर कुबूल होती हैं।
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कसूर मेरा था तो कसूर उनका भी था... 🌹🌹
नज़र हमने जो उठाई थी तो वो झुका भी सकते थे...
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"मैने उसके नरम होँठो को चूमने की इजाज़त माँगी,
वो अपने होंठ करीब लाकर बोली पगले प्यार में इजाज़त की जरुरत नहीं होती!"
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बहुत अन्दर तक तबाही मचाता है …
वो आंसू जो आँखों से ‘बह’ नहीं पाता……
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फ़िराक़ -ए -यार ने बेचैन मुझ को रात भर रखा
कभी तकिया इधर रखा कभी तकिया उधर रखा
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